प्रदेश के प्रत्येक शहर में शत-प्रतिशत वाटर सप्लाई (जलापूर्ति) और सीवरेज का काम सुनिश्चित किया गया है और अमृत-2.0 प्रोजेक्ट के तहत शहरों का चयन कर काम भी शुरू कर दिया गया, लेकिन स्थानीय नगर सरकार ही विकास कार्यों में रोड़ा बनी हुई है। चलिए आपको बताते हैं कि पूरा मामला क्या है।