दिल्ली के रायसीना हिल्स के पास देश के प्रधानमंत्री का नया ऑफिस लगभग तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महीने के अंत तक नए ऑफिस से काम शुरू कर सकते हैं। सूत्रों ने दैनिक भास्कर को बताया कि PMO का काम लगभग पूरा हो चुका है। फाइनल फिनिशिंग जारी है। सूत्रों ने बताया कि PM ऑफिस में शिफ्टिंग के लिए इस महीने दो मुहूर्त निकाले गए हैं। पहला 14 जनवरी, मकर संक्रांति के दिन और दूसरा 19 जनवरी से 27 जनवरी के बीच, गुप्त नवरात्रि तक है। हालांकि, तब तक फिनिशिंग का काम पूरा नहीं हुआ, तो फरवरी में भी शिफ्टिंग हो सकती है। PM का नया ऑफिस सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत बनाया गया है। नए PMO के पास ही प्रधानमंत्री का नया आवास भी बन रहा है। इसके तैयार होने के बाद प्रधानमंत्री 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित मौजूदा आवास से भी नए आवास में शिफ्ट होंगे। पिछले महीने नए PMO का नाम बदला गया था निर्माण के दौरान PM के नए ऑफिस का नाम एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव रखा गया था, लेकिन बाद में इसका नाम सेवा तीर्थ रखा गया। इसका मतलब सेवा का स्थान है। सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत नया संसद भवन और उपराष्ट्रपति एन्क्लेव पहले ही तैयार हो चुके हैं। आठ में से 3 नए मंत्रालय भवन भी तैयार हो चुके हैं। सेवा तीर्थ कॉम्पलेक्स में तीन इमारतें हैं। सेवा तीर्थ-1 में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), सेवा तीर्थ-2 में कैबिनेट सचिवालय और सेवा तीर्थ-3 में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का ऑफिस है। सेवा तीर्थ में क्या-क्या होगा? अब जानिए क्या है सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट? सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत राष्ट्रपति भवन से लेकर इंडिया गेट तक कई इमारतों का री डेवलपमेंट और कंस्ट्रक्शन शामिल है। इसमें नया संसद भवन, मंत्रालय के कार्यालयों के लिए केंद्रीय सचिवालय, प्रधानमंत्री आवास, उप-राष्ट्रपति आवास का निर्माण किया जाना है। सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट की घोषणा सितंबर, 2019 में हुई थी। 10 दिसंबर, 2020 को PM मोदी ने प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी थी। सरकार ने पूरे प्रोजेक्ट के लिए 20 हजार करोड़ रुपए का बजट रखा है। कर्तव्य पथ के दोनों तरफ के इलाके को सेंट्रल विस्टा कहते हैं। गृह मंत्रालय नॉर्थ ब्लॉक से शिफ्ट हो रहा सितंबर, 2025 में बताया गया था कि केंद्रीय गृह मंत्रालय का पता रायसीना हिल्स, नॉर्थ ब्लॉक से जल्द ही बदलने वाला है। इसे जनपथ में बनी कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट (CCS) बिल्डिंग में शिफ्ट किया जा रहा है। इसकी प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। सेंट्रल विस्टा री डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत सभी मंत्रालयों के लिए कर्तव्य पथ पर 10 ऑफिस बिल्डिंग और एक कन्वेंशन सेंटर समेत CCS बनना है। इनमें से तीन बिल्डिंग लगभग बन चुकी हैं। सभी ऑफिस शिफ्ट होने के बाद दोनों ब्लॉकों को 'युगे युगीन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय'में बदल दिया जाएगा। इसमें करीब 25 से 30 हजार कलाकृतियां प्रदर्शित की जाएंगी। यह दुनिया के सबसे बड़े म्यूजियम्स में से एक होने की संभावना है। करीब 90 सालों से देश का गृह मंत्रालय नॉर्थ ब्लॉक से ही संचालित हो रहा था। पूरी खबर पढ़ें... ............................ केंद्रीय इमारतों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें.. मोदी बोले- मंत्रालयों के लिए ₹1500 करोड़ किराया चुका रही सरकार, कर्तव्य भवन से यह परेशानी दूर होगी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर में दिल्ली में कर्तव्य पथ पर कर्तव्य भवन-03 बिल्डिंग का उद्घाटन किया था। उन्होंने कहा था कि कर्तव्य भवन में विकसित भारत की नीतियां बनेंगी। ये सिर्फ इमारत नहीं, करोड़ों लोगों के सपनों को साकार करने की भूमि है। पीएम ने कर्तव्य भवन की जरूरत के बारे में बताया था कि 100 सालों से होम मिनिस्ट्री एक ही बिल्डिंग में है। कुछ मंत्रालय किराए की बिल्डिंग में हैं। सालाना 1500 करोड़ रुपए रेंट देना पड़ता है। पूरी खबर पढ़ें...