आवारा कुत्तों के काटने के मामले पर कई सेलेब्स ने अपनी राय रखी है. इस बीच पंजाबी सिंगर और एक्टर मीका सिंह ने भारत के सुप्रीम कोर्ट से गुज़ारिश की है कि सड़कों पर घूमने वाले कुत्तों पर कोई ऐसा फैसला न लिया जाए जो उनके लिए नुकसानदेह हो. उन्होंने अपने ट्विटर पोस्ट में कहा कि वो 10 एकड़ जमीन दान करने के लिए तैयार हैं ताकि इन कुत्तों की देखभाल और भलाई हो सके. 10 एकड़ जमीन दान करने के लिए तैयार हैं मीका सिंह आवारा कुत्तों से हमदर्दी दिखाते हुए मीका सिंह ने बड़ा कदम उठाया है. मीका सिंह ने आवारा कुत्तों के लिए 10 एकड़ जमीन दान करने का फैसला किया है. सोशल मीडिया पर मीका सिंह ने बताया कि उनके पास मतलब भर की जमीन है. ऐसे में वो आवारा कुत्तों की देखभाल के लिए 10 एकड़ जमीन दान करने के लिए तैयार हैं.मीका सिंह ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'मीका सिंह माननीय सुप्रीम कोर्ट से विनम्र निवेदन करते हैं कि कृपया कुत्तों को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी कदम से परहेज करें. मैं विनम्रतापूर्वक निवेदन करता हूं कि मेरे पास पर्याप्त जमीन है. मैं 10 एकड़ जमीन दान करने के लिए तैयार हूं.'Mika Singh humbly appeals to the Hon’ble Supreme Court of India to kindly consider refraining from any actions that may adversely affect the welfare of dogs.I respectfully submit that I have sufficient land at my disposal and am fully prepared to donate 10 acres of land… pic.twitter.com/oNlqxY5rTZ— King Mika Singh (@MikaSingh) January 11, 2026मीका सिंह ने कहा कि इस जमीन पर कुत्तों के लिए शेल्टर और जरूरी सुविधाएं बनाई जा सकती हैं, जिससे उनका स्वास्थ्य और सुरक्षा ठीक रहे. लेकिन सिर्फ जमीन देने से काम नहीं चलेगा, कुत्तों की सही देखभाल के लिए कर्मचारी और सुविधाओं की जरूरत है. उन्होंने कहा, 'मेरा बस यह कहना है कि कुत्तों की जिम्मेदारी से देखभाल करने के लिए अच्छे कर्मचारी और केयरटेकर मिलें. मैं जमीन देने के लिए तैयार हूं, ताकि कुत्तों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और भलाई के लिए सब कुछ किया जा सके.'मीका सिंह की अपील ऐसे समय में आई है जब सुप्रीम कोर्ट का स्ट्रीट डॉग मैनेजमेंट पर ध्यान देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है. हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने आवारा कुत्तों को सड़कों से हटाने का आदेश नहीं दिया. उनका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि आवारा पशुओं का प्रबंधन पशु जन्म नियंत्रण (एबीसी) नियम, 2023 के हिसाब से किया जाए. अदालत के मुताबिक कुत्ते के काटने के मामलों में बढ़ोतरी और नगर निगम अधिकारियों की तरफ से नियमों को लागू करने में नाकामी की वजह से उन्हें इस मामले में दखल देना पड़ा.