भोपाल में फिलहाल दो बड़े ईरानी डेरे सक्रिय हैं, जिनमें 50 से ज्यादा शातिर लुटेरे और ठग जुड़े हुए हैं। इन डेरों की कार्यप्रणाली बेहद संगठित है। यहां ठहरने वाले बदमाशों को साफ निर्देश होता है कि वे मध्य प्रदेश में कोई वारदात नहीं करेंगे। डेरे के सरदार, राजू ईरानी, काला और मस्तान और मुख्तार ईरानी जैसे बदमाश उन्हें शरण देते हैं।