US-Israel-Iran War: अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के दौरान सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सामग्री को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के प्रोडक्ट हेड Nikita Bier ने बताया कि प्लेटफॉर्म ने हाल ही में एक ऐसे व्यक्ति की पहचान की है जो पाकिस्तान से कई अकाउंट्स के जरिए AI से बने युद्ध से जुड़े वीडियो पोस्ट कर रहा था.31 हैक किए गए अकाउंट से फैलाए जा रहे थे वीडियोdelete these accounts— britton winterrose (@Winterrose) March 4, 2026निकीता बीयर के अनुसार जांच के दौरान पता चला कि एक व्यक्ति कुल 31 अलग-अलग अकाउंट्स को कंट्रोल कर रहा था. इन अकाउंट्स को पहले हैक किया गया और फिर इनके यूजरनेम बदलकर Iran War Monitor जैसे नाम रख दिए गए. इन प्रोफाइल्स के जरिए AI से तैयार किए गए युद्ध के वीडियो और ईरान के समर्थन में बनाए गए कंटेंट को तेजी से पोस्ट किया जा रहा था.उन्होंने बताया कि प्लेटफॉर्म की टीम अब ऐसे नेटवर्क को पहले की तुलना में ज्यादा तेजी से पहचानने लगी है और उन लोगों के लिए प्रोत्साहन भी खत्म किया जा रहा है जो गलत जानकारी फैलाने के लिए इस तरह के तरीकों का इस्तेमाल करते हैं.पैसे कमाने के लिए बनाया गया फर्जी कंटेंटजब उनसे पूछा गया कि क्या इन अकाउंट्स को किसी संगठन या सरकार की तरफ से पैसा दिया जा रहा था तो बीयर ने कहा कि ज्यादातर मामलों में ऐसा नहीं होता. उनका कहना था कि कई लोग केवल जल्दी पैसा कमाने के लिए ट्रेंडिंग विषयों का फायदा उठाते हैं.उन्होंने बताया कि ऐसे लोग सोशल मीडिया के मोनेटाइजेशन सिस्टम का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं. उन्हें इस बात से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता कि कंटेंट किस राजनीतिक पक्ष में है उनका मुख्य लक्ष्य केवल ज्यादा से ज्यादा व्यू और इम्प्रेशन हासिल करना होता है.AI वीडियो पर सख्त कार्रवाई की चेतावनीयुद्ध जैसी संवेदनशील परिस्थितियों में गलत जानकारी फैलने से रोकने के लिए X ने नई सख्ती भी लागू की है. कंपनी ने साफ किया है कि अगर कोई यूजर किसी युद्ध से जुड़ा AI-जनरेटेड वीडियो पोस्ट करता है और यह नहीं बताता कि वीडियो एआई से बनाया गया है तो उसे क्रिएटर रेवेन्यू शेयरिंग प्रोग्राम से निलंबित किया जा सकता है. यह प्रोग्राम उन यूजर्स को पैसे कमाने का मौका देता है जिनके अकाउंट पर अच्छी पहुंच और दर्शक होते हैं.बार-बार नियम तोड़ने पर पूरी तरह से प्रतिबंधकंपनी ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर कोई क्रिएटर AI कंटेंट से जुड़े नियमों का दूसरी बार उल्लंघन करता है तो उसे हमेशा के लिए इस कमाई वाले प्रोग्राम से बाहर कर दिया जाएगा. निकीता बीयर ने कहा कि युद्ध के समय लोगों तक सही और भरोसेमंद जानकारी पहुंचना बेहद जरूरी है क्योंकि आधुनिक AI तकनीक के जरिए भ्रामक वीडियो बनाना अब पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है.यह भी पढ़ें:WhatsApp Plus: अब WhatsApp पर भी आएगा सब्सक्रिप्शन प्लान, पैसे देने पर यूजर्स को मिलेंगे ये एक्स्ट्रा फीचर