बताया जा रहा है कि कफ सीरप के सेवन से 24 बच्चों की मौत के मामले की जांच एसआईटी द्वारा लगातार की जा रही थी। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर दोनों डॉक्टरों की गिरफ्तारी की गई है।