इंदौर में रंगपंचमी पर रंगों के सामूहिक खेल का उल्लेख 1929 में लिखी किताब ‘उत्सवादर्श’ में भी मिलता है। उस समय होलकर शासक राजवाड़ा के चबूतरे पर प्रजा पर भाप के इंजन से रंग की बौछार करते थे