आईटी एक्सपर्ट्स और छात्र अब पारंपरिक ब्रोकर या वित्तीय सलाहकारों के बजाय अपने मोबाइल में मौजूद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित एप्स पर भरोसा करने लगे हैं।