ऑनलाइन शॉपिंग ने लोगों की जिंदगी को आसान बना दिया है। लेकिन साइबर ठग यहां भी अपनी सेंध लगा चुके हैं। हाल ही में चंडीगढ़ की एक महिला ने डैमेज प्रोडक्ट के रिफंड के लिए गूगल पर कस्टमर केयर नंबर सर्च किया। इसके बाद वह स्कैमर्स के जाल में फंस गई। ठगों ने रिफंड प्रोसेस का झांसा देकर महिला के खाते से 80 हजार रुपए उड़ा लिए। रिफंड के नाम पर स्कैम की ऐसी घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। इसी खतरे को देखते हुए इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने एक अलर्ट जारी किया है इसलिए आज साइबर लिटरेसी कॉलम में हम रिफंड स्कैम के इसी खतरे को समझेंगे। साथ ही जानेंगे- एक्सपर्ट: राहुल मिश्रा, साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर, उत्तर प्रदेश पुलिस सवाल- रिफंड स्कैम क्या है? चंडीगढ़ में एक महिला इस स्कैम का शिकार कैसे हुई? जवाब- रिफंड स्कैम में साइबर ठग किसी कंपनी या सर्विस के नाम पर ‘रिफंड’ का झांसा देकर लोगों के बैंक अकाउंट से पैसे निकाल लेते हैं। यह स्कैम तब शुरू होता है, जब कोई ग्राहक डैमेज्ड प्रोडक्ट रिटर्न करने या ऑर्डर कैंसिल करने के बाद रिफंड चाहता है। चंडीगढ़ में महिला ने क्विक कॉमर्स एप ‘ब्लिंकिट’ से ग्रॉसरी ऑर्डर की थी। प्रोडक्ट डैमेज होने पर महिला ने रिफंड के लिए गूगल पर कस्टमर केयर नंबर सर्च किया। सर्च रिजल्ट में दिखा नंबर स्कैमर्स का था। कॉल करने पर ठग ने खुद को कस्टमर केयर बताकर रिफंड प्रोसेस शुरू करने का भरोसा दिलाया। इसके बाद स्कैमर ने महिला से स्क्रीन शेयरिंग एप डाउनलोड करवाया। जैसे ही महिला ने स्क्रीन शेयर की, फोन का कंट्रोल ठग के हाथ में चला गया। उसने बैंक और वॉलेट एप एक्सेस कर कुल 80 हजार रुपए ठग लिए। इस तरह रिफंड दिलाने के बहाने महिला के अकाउंट से पैसे साफ कर दिए गए। सवाल- साइबर ठग रिफंड के नाम पर स्कैम को कैसे अंजाम देते हैं? जवाब- इस स्कैम में साइबर ठग यूजर के भरोसे और तकनीकी जानकारी कमी का फायदा उठाते हैं। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- सवाल– चंडीगढ़ की महिला ब्लिंकिट से रिफंड लेना चाहती थी, लेकिन उसने क्या गलती की कि वह इस स्कैम का शिकार हो गई? जवाब- महिला की सबसे बड़ी गलती यह थी कि– सवाल- महिला की गलती ये थी कि उसने कस्टमर केयर का नंबर गूगल पर ढूंढा। तो क्या ऑनलाइन मिलने वाला कस्टमर केयर नंबर फेक भी हो सकता है? जवाब- हां, साइबर ठग SEO और पेड विज्ञापनों के जरिए अपने नंबर को गूगल रिजल्ट में ऊपर दिखा देते हैं, ताकि लोग उसे ही आधिकारिक नंबर समझें। कई बार ये नंबर ‘Ad’ टैग के साथ भी दिखते हैं, लेकिन लोग ध्यान नहीं देते। इसलिए सिर्फ गूगल सर्च पर भरोसा करना सुरक्षित नहीं है। सवाल- तो फिर सही कस्टमर केयर नंबर कैसे पता करें? जवाब- इसका सबसे सुरक्षित तरीका है कि आप संबंधित कंपनी के ऑफिशियल एप या आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। वहां दिए गए ‘Help‘, ‘Support‘ या ‘Contact Us‘ सेक्शन पर दिए गए ‘कॉन्टैक्ट नंबर’ या ‘ईमेल आईडी’ से संपर्क करें। गूगल सर्च में दिख रहे किसी भी नंबर पर कॉल करने से पहले उसे वेरिफाई जरूर करें। सवाल- कोई कस्टमर केयर नंबर सही है या फर्जी, ये कैसे पता करें? जवाब- किसी भी कस्टमर केयर नंबर का हमेशा कंपनी के आधिकारिक एप या वेबसाइट पर दिए गए कॉन्टैक्ट डिटेल्स से मिलान करें। अगर नंबर अलग दिखे या कॉल पर बातचीत संदिग्ध हो तो तुरंत सतर्क हो जाएं। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- सवाल- ‘फर्जी रिफंड स्कैम’ से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? जवाब- रिफंड, शिकायत या सपोर्ट के लिए हमेशा कंपनी के आधिकारिक एप या वेबसाइट से संपर्क करें। याद रखें, कस्टमर केयर कभी भी रिफंड देने के लिए आपके फोन का कंट्रोल या OTP नहीं मांगता है। साथ ही कुछ और बातों का भी खास ख्याल रखें। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- सवाल- अगर ‘रिफंड स्कैम’ का शिकार हो जाएं तो तुरंत क्या करना चाहिए? जवाब- ऐसी स्थिति में कुछ बातों का खास ख्याल रखें। जैसेकि- सवाल- ‘रिफंड स्कैम’ की शिकायत कहां कर सकते हैं? जवाब- नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 या www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर इसकी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर नजदीकी साइबर सेल या पुलिस स्टेशन में भी रिपोर्ट कर सकते हैं। …………………… ये खबर भी पढ़ें… साइबर लिटरेसी- तेजी से बढ़ रहा इंस्टाग्राम फिशिंग स्कैम:इंस्टा मैसेज से सावधान, बरतें 8 सावधानियां, जानें अकाउंट कैसे रखें सेफ आज के समय में इंस्टाग्राम सिर्फ फोटो-वीडियो शेयर करने का प्लेटफॉर्म नहीं है। यह पहचान और कमाई का जरिया भी बन चुका है। यही वजह है कि साइबर अपराधियों की नजर इंस्टाग्राम के आम यूजर्स से लेकर क्रिएटर्स और बिजनेस अकाउंट्स, सभी पर है। पूरी खबर पढ़ें…