चार दशक से चली आ रही माओवादी समस्या को समाप्त करने के बाद सरकार ने अब मध्य प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए कमर कसी है। इसमें नशीली चीजों के अवैध कारोबार को समाप्त करने का लक्ष्य है।