ड्रोन कैमरों से मिलने वाला लाइव फीड सीधे कंट्रोल रूम तक पहुंचेगा, जहां से वरिष्ठ अधिकारी हर गतिविधि पर नजर रख सकेंगे और जरूरत पड़ने पर तुरंत निर्देश जारी कर सकेंगे।