Hanuman Jayanti 2027 Date: हनुमान जयंती 2027 में कब ? नोट कर लें डेट

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Hanuman Jayanti 2027 Date: श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी की जयंती अर्थात जन्मोत्सव चैत्र पूर्णिमा पर हर साल धूमधाम से मनाया जाता है. राम जी और हनुमान जी के भक्तों को इस दिन का बेसब्री से इंतजार रहता है, ऐसे में जान लें हनुमान जयंती 2027 में कब है.अगले साल हनुमान जंयती 20 अप्रैल 2027 मंगलवार को मनाई जाएगी. हनुमान जी का जन्म धर्म की रक्षा और अधर्म के नाश के लिए हुआ था. उनका अवतार विशेष रूप से भगवान विष्णु के राम अवतार की सहायता के लिए हुआ था. हनुमान जी का जीवन हमें सिखाता है कि सच्ची भक्ति, सेवा और निष्ठा से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं.हनुमान जयंती 2027 का मुहूर्तचैत्र पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 20 अप्रैल 2027 को सुबह 4.51 मिनट पर होगी और इसका समापन 21 अप्रैल 2027 को सुबह 3.56 मिनट पर होगा.हनुमान जन्मोत्सव 2027 का चौघड़ियाचर - सुबह 09:06 - सुबह 10:43लाभ - सुबह 10:43 - दोपहर 12:20अमृत - दोपहर 12:20 - दोपहर 01:58क्यों शिव जी ने हनुमान रूप में लिया रुद्रअवतारशास्त्रों के अनुसार हनुमान जी शिव के ग्यारहवें रुद्र माने जाते हैं, इसलिए उन्हें “शंकर सुवन” भी कहा जाता है. उनका अवतार यह दर्शाता है कि जब भगवान स्वयं भी भक्त बनकर सेवा करते हैं, तो भक्ति का महत्व कितना महान है.रुद्र अवतार लेने के पीछे मुख्य कारण थे -धर्म की रक्षा: रावण जैसे अत्याचारी का अंत करने में सहायता करना.रामभक्ति का आदर्श स्थापित करना: हनुमान जी ने दिखाया कि सच्ची भक्ति कैसी होती है - निस्वार्थ, समर्पित और अटूट.शक्ति और विनम्रता का संतुलन: वे अत्यंत शक्तिशाली होने के बावजूद हमेशा विनम्र और सेवाभावी रहे.बल, बुद्धि और विद्या का सागर हैं हनुमान जीहनुमान जी चिरंजीवी (अमर) माने जाते हैं, अर्थात वे आज भी इस संसार में विद्यमान हैं. उन्हें संकटमोचन कहा जाता है, क्योंकि वे अपने भक्तों के संकट दूर करते हैं. रामायण में उनका सबसे प्रसिद्ध कार्य संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण के प्राण बचाना है. वे केवल बलवान ही नहीं, बल्कि अत्यंत विद्वान भी थे.हनुमान जी की भक्ति के लाभहनुमान जी की भक्ति करने से डर, भय और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है.ऐसा माना जाता है कि जहां हनुमान जी का नाम लिया जाता है, वहां किसी भी प्रकार की बुरी शक्ति प्रवेश नहीं कर सकती.हनुमान जी बल और पराक्रम के प्रतीक हैं। उनकी पूजा करने से व्यक्ति के भीतर साहस, आत्मबल और आत्मविश्वास बढ़ता है, जिससे वह कठिन परिस्थितियों का सामना कर पाता है.ज्योतिष के अनुसार हनुमान जी की पूजा से शनि देव की कृपा प्राप्त होती है और शनि से संबंधित कष्टों में कमी आती है इसलिए शनिवार और मंगलवार को हनुमान जी की पूजा विशेष लाभकारी मानी जाती है.Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया 19 या 20 अप्रैल किस दिन है, सोना, वाहन, घर खरीदारी का श्रेष्ठ मुहूर्त कबDisclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.