जानकार का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में भारत में सैलरी इंक्रीमेंट 8.8% से 9.1% के दायरे में काफी स्थिर रहा है। ताजा मिडिल ईस्ट टेंशन को लेकर हालांकि कंपनियां सतर्क भी हैं।