दशकों तक अमेरिका और उसके केंद्रीय बैंक को सोने जैसी संपत्ति का सबसे भरोसेमंद संरक्षक माना जाता रहा है. सोवियत संघ से खतरा महसूस करने वाले कई यूरोपीय देश अपना सोना अमेरिका के पास रखते थे.