पवन पुत्र हनुमान की खड़ी मूर्तियां तो कई स्थान पर देखी होंगी लेकिन पितृ पर्वत पर पितरेश्वर हनुमान की ध्यान मुद्रा में सबसे बड़ी मूर्ति है।