मध्य प्रदेश के नगरीय निकायों की वित्तीय हालत बेहद खराब है, जहां वे बिजली का बिल तक नहीं चुका पा रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि इसके लिए माह मार्च 2026 की चुंगी क्षतिपूर्ति की 106 करोड़ रुपये की राशि का उपयोग किया गया है।