अखुंदज़ादा की सोच इतनी कट्टर थी कि 2017 में उनके बेटे की मौत के बाद दो तालिबान अधिकारियों ने बताया था कि उन्हें अपने बेटे के आत्मघाती हमलावर बनने की जानकारी थी और उन्होंने इसे मंज़ूरी भी दी थी.