पतंगों में इस्तेमाल होने वाला चायनीज मांझा अब केवल परिंदों और इंसानों के लिए ही नहीं, बल्कि बिजली आपूर्ति के लिए भी बड़ा खतरा बनता जा रहा है। मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) की एक्स्ट्रा हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइनों पर इससे बिजली संकट का खतरा बढ़ गया है।