हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विवेक जैन की एकलपीठ ने अपने एक आदेश में कहा कि नौनिहाल दंपती के कलह का खामियाजा भुगतने को विवश होते हैं। लिहाजा, कुटुंब न्यायालय का वह आदेश अनुचित पाते हुए निरस्त किया जाता है, जिसके जरिए तीन वर्षीय मासूम को पिता से मिलने की अनुमति देने से इन्कार कर दिया गया था।