Loneliness Health Impact: अकेलेपन से शरीर में हो जाती हैं इतनी बीमारियां, जानें कैसे नजर आते हैं इसके लक्षण?

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Is Social Isolation Dangerous For Health: हाल के हफ्तों में चीन में एक मोबाइल ऐप तेजी से लोकप्रिय हुआ है. यह ऐप देश में बढ़ते अकेलेपन और युवाओं की निराशा को सीधे छूता है, खासकर उस समाज में जहां दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आबादी रहती है. "Are You Dead" नाम का यह ऐप खासतौर पर अकेले रहने वाले लोगों के लिए बनाया गया है. इसका कॉन्सेप्ट बेहद सरल है, यूजर को हर दिन ऐप पर चेक-इन करना होता है. अगर लगातार कुछ दिनों तक चेक-इन नहीं होता, तो ऐप अपने-आप यूजर के इमरजेंसी कॉन्टैक्ट को अलर्ट भेज देता है. आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में अकेलापन और सामाजिक दूरी तेजी से बढ़ रही है. अक्सर लोग इसे सिर्फ इमोशनल परेशानी मानते हैं, लेकिन रिसर्च बताती है कि इसका असर शरीर पर भी पड़ता है खासतौर पर दिल पर.सोशल आइसोलेशन क्या है?डॉ. प्रमोद कुमार, हृदय रोग विशेषज्ञ, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल, नई दिल्ली बताते हैं कि  सोशल आइसोलेशन का मतलब है परिवार, दोस्तों या समाज से बहुत कम या बिल्कुल भी जुड़ाव न होना. यह अकेले समय बिताने से अलग है. असली खतरा तब होता है, जब इंसान लंबे समय तक इमोशनल और सामाजिक सहारे से दूर रहता है. जब कोई व्यक्ति खुद को अकेला महसूस करता है, तो शरीर उसे तनाव की स्थिति मान लेता है. इससे कोर्टिसोल और एड्रेनालिन जैसे स्ट्रेस हार्मोन बढ़ जाते हैं, जो ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट बढ़ा सकते हैं. धीरे-धीरे यह सूजन और दिल की बीमारियों का कारण बन सकता है.क्यों खतरनाक है अकेलापन?अकेले रहने वाले लोग अक्सर एक्सरसाइज नहीं करते, सही खानपान नहीं अपनाते और दवाइयों में भी लापरवाही कर सकते हैं. इसके साथ ही, अकेलापन डिप्रेशन और एंग्जायटी को बढ़ाता है, जो दिल की सेहत को और नुकसान पहुंचाता है. बीमारी या कमजोरी के वक्त किसी अपने का साथ बहुत मायने रखता है. अकेलेपन में यह सहारा नहीं मिल पाता, जिससे रिकवरी भी धीमी हो सकती है.कौन लोग ज्यादा जोखिम में हैं?अकेले रहने वाले बुजुर्ग या जिन्होंने अपने करीबी लोगों को खो दिया है, उन्हें ज्यादा खतरा रहता है. लेकिन युवा भी इससे अछूते नहीं हैं. काम का दबाव, जगह बदलना और डिजिटल कम्युनिकेशन पर ज्यादा निर्भरता आमने-सामने मिलने को कम कर रही है. अच्छी बात यह है कि रिश्ते दिल के लिए दवा की तरह काम करते हैं. इसके लिए नियमित रूप से अपनों से बात करें, किसी सामाजिक या कम्युनिटी ग्रुप से जुड़ें, वॉलंटियर काम करें या ग्रुप में योग और वॉक जैसी एक्टिविटी अपनाएं. जरूरत महसूस हो तो प्रोफेशनल मदद लेने में भी हिचकिचाएं नहीं. अकेलापन सिर्फ मन की हालत नहीं, बल्कि दिल की सेहत से जुड़ा एक गंभीर खतरा है. जैसे हम खानपान, नींद और एक्सरसाइज पर ध्यान देते हैं, वैसे ही रिश्तों को भी समय देना जरूरी है. एक अच्छी बातचीत, साथ बैठकर खाना या समाज से जुड़ाव न सिर्फ मन को खुश रखता है, बल्कि दिल को भी लंबे समय तक स्वस्थ बनाए रखता है.इसे भी पढ़ें: Nipah Virus: निपाह वायरस कितना खतरनाक, क्या है इससे बचने का तरीका?Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.