जिन डॉक्टरों ने कोरोना काल में अपनी जान हथेली पर रखकर मरीजों की जान बचाई, उनकी सेवाएं अब सवालों के घेरे में हैं। इसका मुख्य कारण स्वास्थ्य विभाग की मशीनरी का ध्वस्त होना है। अस्पतालों में न तो पर्याप्त चिकित्सक हैं और न ही जांच की मशीनें ठीक हालत में हैं।