आईसीएमआर ने भारतीय बच्चों के लिए नई ब्लड रिपोर्ट मानक तय करने की पहल की है। एम्स भोपाल और रायपुर शोध करेंगे। इससे विदेशी पैमानों की जगह देसी मानक लागू होंगे, जिससे गलत निदान, अनावश्यक दवाइयों और असुरक्षित इलाज से बच्चों को राहत मिलेगी।