Heart Attack After Stent: स्टेंट डलवाने के बाद भी क्यों ब्लॉक हो जाती हैं दिल की नसें? डॉक्टर से समझें

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Causes Of Recurrent Heart Attack After Stenting: आज के दौर में इंटरनेट पर हार्ट की बीमारी और उसके इलाज को लेकर इतनी जानकारी मौजूद है कि मरीज और उनके परिवार अक्सर भ्रम में पड़ जाते हैं. खासतौर पर कार्डियक स्टेंट को लेकर लोगों के मन में यह सवाल बार-बार उठता है कि अगर स्टेंट लग चुका है तो क्या फिर भी हार्ट अटैक आ सकता है. डॉक्टरों का साफ कहना है कि स्टेंट लगने के बाद भी दिल का दौरा पड़ने की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं होती.कब लगाया जाता है स्टेंट?स्टेंट तब लगाया जाता है जब दिल तक खून पहुंचाने वाली आर्टरीज में कोलेस्ट्रॉल जमा होकर रास्ता संकरा कर देता है. यह एक धातु की जाली होती है, जिसे ब्लॉकेज वाली नस में डालकर खून के बहाव को सामान्य किया जाता है. आमतौर पर हार्ट अटैक के बाद या गंभीर ब्लॉकेज की स्थिति में स्टेंट डाला जाता है ताकि नस खुली रहे और दिल तक पर्याप्त खून पहुंचता रहे.हालांकि स्टेंट उस खास नस को खोल देता है, लेकिन यह दिल की सभी धमनियों को सुरक्षित नहीं करता. अगर मरीज स्टेंट लगने के बाद भी अस्वस्थ लाइफस्टाइल अपनाता है, तला-भुना और ज्यादा फैट वाला खाना खाता है, धूम्रपान करता है या शारीरिक गतिविधि से दूर रहता है, तो दिल की दूसरी नसों में ब्लॉकेज बन सकता है. यही वजह है कि स्टेंट लगने के बावजूद दोबारा हार्ट अटैक हो सकता है. क्या कहते हैं एक्सपर्ट?डॉ. संतोष कुमार, हृदय रोग एक्सपर्ट, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल, नई दिल्ली बताते हैं कि "स्टेंट किसी प्राकृतिक नस का विकल्प नहीं है. यह सिर्फ एक अस्थायी सहारा है, जो उस समय जान बचाने में मदद करता है. शरीर में बार-बार स्टेंट डालना न तो सुरक्षित माना जाता है और न ही यह स्थायी समाधान है. अगर दोबारा हार्ट अटैक होता है, तो मरीज की हालत पहले से ज्यादा गंभीर हो सकती है और इलाज भी मुश्किल हो जाता है."स्टेंट लगाने के बाद क्या होता है?स्टेंट लगने के बाद मरीज पहले से ज्यादा संवेदनशील हो जाता है दोबारा दिल का दौरा पड़ने पर जान का खतरा भी बढ़ जाता है और कई मामलों में फिर से एंजियोप्लास्टी या स्टेंट डालने की जरूरत पड़ सकती है. कुछ मामलों में अगर शरीर स्टेंट को स्वीकार नहीं करता या प्रक्रिया में दिक्कत आती है, तो स्थिति जानलेवा भी हो सकती है. इसीलिए डॉक्टर बार-बार सलाह देते हैं कि स्टेंट लगने के बाद लापरवाह नहीं होना चाहिए. संतुलित डाइट, नियमित एक्सरसाइज, डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं का सही समय पर सेवन, धूम्रपान से दूरी और तनाव नियंत्रण ही स्टेंट के बाद दिल को सुरक्षित रखने का सबसे कारगर तरीका है. स्टेंट इलाज का एक हिस्सा है, पूरा इलाज नहीं, असल इलाज लाइफस्टाइल में सुधार से ही होता है.यह भी पढ़ें: धूप न मिलने का सीधा असर हड्डियों पर, दिखें ये लक्षण तो रहें सावधानDisclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.