लक्ष्मीनारायण ग्लोबल म्यूजिक फेस्टिवल (LGMF) का 35वां एडिशन गुरुवार शाम को नई दिल्ली में शानदार तरीके से शुरू हुआ. जिसने दिल्ली को वर्ल्ड म्यूजिक, क्लासिकल टैलेंट और अलग-अलग कल्चर की कला का संगम बना दिया. दिल्ली का ये कॉन्सर्ट, जो बांसरा पार्क में हुआ, भारत के सबसे लंबे समय तक चलने वाले ग्लोबल म्यूजिक फेस्टिवल की शुरुआत थी. जो जनवरी 2026 तक चंडीगढ़, कोलकाता, चेन्नई और बेंगलुरु में भी होगा.दिल्ली में हुआ धमालदिल्ली में ये इवेंट इंडियन काउंसिल फॉर कल्चरल रिलेशंस (ICCR) के साथ मिलकर आयोजित किया गया. ओपनिंग नाइट में म्यूजिक का जश्न मनाया गया. कजाकिस्तान के अस्ताना फिलहारमोनिक सिम्फनी ऑर्केस्ट्रा की दमदार मौजूदगी से स्टेज पर आग लगा दीय जिसमें एक पूरा क्वायर, एक बैले ग्रुप और भारत के कुछ सबसे मशहूर संगीतकार शामिल थे.डांस परफॉर्मेंस ने जीता दिलइस शाम का एक ऐसा परफॉर्मेंस था जिसने सभी को अपना दीवाना बना लिया.डांस एन्सेम्बल गक्कू ने बड़े ऑर्केस्ट्रा म्यूजिक पर कोरियोग्राफ किए गए बैले सीक्वेंस पेश किए. मूवमेंट्स, ड्रामेटिक लिफ्ट्स और फॉर्मेशन्स, जिसमें एक ऐसा सीक्वेंस भी था जहां डांसर हवा में ऊपर उठाए गए थे. जिसके बाद लोग तालियां बजाते नहीं रुक रहे थे. कंटेम्पररी कोरियोग्राफी और शानदार लाइटिंग ने एक मंत्रमुग्ध कर देने वाली विज़ुअल कहानी बनाई जो म्यूजिक के साथ बहुत अच्छी लग रही थी.कॉन्सर्ट का दिल उस्ताद डॉ. एल. सुब्रमण्यम थे, जिनके वायलिन ने सटीकता और भावना दोनों के साथ परफॉर्मेंस को संभाला. दिल्ली के दर्शकों ने नवग्रह सिम्फनी का इंडियन प्रीमियर देखा, जो एक बिल्कुल नया ऑर्केस्ट्रल कम्पोजीशन है और उनके शानदार करियर में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है.कब हुई इसकी शुरुआतप्रोफेसर वी. लक्ष्मीनारायण की याद में 1992 में स्थापित, LGMF ने तीन दशकों में भारतीय दर्शकों के सामने ग्लोबल दिग्गजों, रेयर इंस्टूमेंट्स और बड़े सहयोगों को पेश करके भारत के सांस्कृतिक कैलेंडर में अपनी एक खास जगह बनाई है. दिल्ली में हुए पहले कार्यक्रम ने उस विरासत को फिर से साबित किया. एक पुरानी संस्था के तौर पर नहीं बल्कि ग्लोबल संगीत के एक जीवंत रुप में. दिल्ली में शानदार शुरुआत के बाद अगला कॉन्सर्ट 19 जनवरी को चंडीगढ़ में होने वाला है.ये भी पढ़ें: Border 2 से सनी देओल ने शेयर की अनसीन फोटोज, मूंगफली खाते हुए आए नजर