रेवाड़ी के गांव कंवाली निवासी प्रगृति किसान तीन दिन राष्ट्रपति द्रोपदी मूर्मू के मेहमान बनेंगे। देश के 77वें गणतंत्र दिवस पर सम्मानित होने वाले 6 किसानों में यशपाल खोला का नाम भी शामिल है। इसके लिए उन्हें राष्ट्रपति भवन की तरफ से निमंत्रण मिला है। यशपाल 25 जनवरी को अपनी पत्नी अनीता कुमारी के साथ दिल्ली के लिए निकलेंगे और 28 जनवरी को वापसी होगी। यशपाल खोला ने 2018 में पिता की कैंसर से हुई मौत के बाद पूरी तरह से प्राकृतिक खेती को अपना लिया। हालांकि प्राकृतिक खेती की शुरूआत 2014 में शुरू कर दी थी। आईसीएआर तक खुद जाएंगेकार्यक्रम में शामिल होने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से 6 किसानों को बुलाया गया है। किसानों को आईसीएआर दिल्ली तक खुद जाना होगा। इससे आगे राष्ट्रपति भवन तक पहुंचाने और वहां रहने की पूरी व्यवस्था सरकार करेगी। स्नातक एवं एचएयू से दो साल के डिप्लोमा होल्डर किसान रत्न अवार्डी एवं अरावली किसान क्लब के प्रधान यशपाल खोला 2014 से प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। वह न केवल प्राकृतिक तरीके से गेहूं और सब्जी और फल की पैदावार करते हैं, बल्कि उसकी मार्केटिंग भी करते हैं।यशपाल ने निभाई अहम भूमिकाडीसी ने बताया कि यशपाल ने न केवल खुद प्राकृतिक खेती को अपनाया, बल्कि एक बड़े रकबे को प्राकृतिक खेती में बदलने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने विभिन्न कृषि संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर न केवल अपने खेतों, बल्कि अन्य किसानों के खेतों में भी प्राकृतिक उत्पादन को सफलतापूर्वक बढ़ावा दिया है। यशपाल खोला ने प्राकृतिक उत्पादों की रिटेल मार्केटिंग का एक प्रभावी और प्रेरक मॉडल भी विकसित किया है, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है और उपभोक्ताओं तक शुद्ध, सुरक्षित खाद्यान्न पहुंच रहा है। उनका यह मॉडल आज अनेक किसानों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध हो रहा है। खेती की सेहत रहती है सही यशपाल खोला का कार्य न केवल मिट्टी और कृषि भूमि के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने वाला है, बल्कि इससे किसानों की आय में वृद्धि, पर्यावरण संरक्षण तथा आमजन के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने में भी महत्वपूर्ण योगदान मिला है। उनके प्रयासों को राष्ट्रीय निर्माण की दिशा में एक सशक्त पहल के रूप में देखा जा रहा है। जिसकी सराहना समाज, सरकार और प्रशासन द्वारा लगातार की जाती रही है। डाककर्मियों और अधिकारियों को सौंपा निमंत्रण पत्रराष्ट्रपति भवन की तरफ से यशपाल को भेजा गया निमंत्रण पत्र डाककर्मचारियों और अधिकारियों ने सौंपा। निमंत्रण पत्र सौंपने वालों मे सहायक अधीक्षक डाकघर उपमंडल रेवाड़ी चरणजीत यादव, पोस्टमैन सोनू यादव, हनुमान, गोविंद (सहायक डाकपाल, डहिना उप डाकघर) तथा पोस्टमास्टर रामेहर शर्मा (कंवाली) शामिल रहे। मेरे लिए सम्मान की बात यशपाल खोला ने कहा कि देश की प्रथम नागरिक से निमंत्रण मिलने मेरे लिए गर्व की बात है। तीन दिन राष्ट्रपति भवन में रहने का सम्मान और भी उत्साहवर्धक है। इससे न केवल मुझे और बेहतर करने की प्रेरणा मिलेगी, बल्कि दूसरे किसान भी प्राकृतिक खेती की तरफ आने को उत्साहित होंगे। यशपाल के परिवार में पत्नी अनीता के अलावा बेटी फलक राव, बेटा आरव और मां सुशीला देवी हैं। यशपाल ने बताया कि उन्होंने प्राकृतिक खेती तो 2014 में ही शुरू कर दी थी। जब 2018 में कैंसर से पिता की मौत हुई तो उसके बाद पूरी तरह से प्राकृतिक खेती करने और दूसरे किसानों को प्रेरित करने का निर्णय ले लिया था।