जबलपुर क्रूज हादसा: मौत भी न तोड़ सकी ममता की डोर, एक ही कब्र में हमेशा के लिए सो गए मां और बेटा

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इस त्रासदी का शिकार हुए दिल्ली के मसीह परिवार की तीन पीढ़ियों के तीन सदस्य - मधुर मसीह, उनकी बेटी मैरिना और चार वर्षीय नाती त्रिशान - जब शनिवार को एम्बुलेंस से मायापुरी स्थित खजान बस्ती पहुंचे, तो पूरी बस्ती में मातम पसर गया।