इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के तहत सरकार ने किसानों को उनकी जमीन का 60 प्रतिशत विकसित भूखंड लौटाने का फैसला लिया है, जिससे उन्हें सीधे विकास का भागीदार बनाया गया है।