Pickle Mold: अचार में इस वजह से लग जाती है फफूंदी, जानें इसे बचाने के तरीके

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How To Prevent Mold In Homemade Pickles: घर का बना अचार सिर्फ खाने का स्वाद नहीं बढ़ाता, बल्कि उसमें बचपन की यादें और घर की खुशबू भी बसी होती है. आम, नींबू, मिर्च या आंवले का अचार, हर किसी की अपनी पसंद होती है. लेकिन कई बार मेहनत से बनाया अचार कुछ ही दिनों में खराब होने लगता है, जब उसके ऊपर सफेद या हरे रंग की परत यानी फफूंदी दिखने लगती है. चलिए आपको बताते हैं कि आखिर अचार में फफूंदी क्यों लगती है और इसको कैसे रोक सकते हैं. क्यों लगती है फफूंदी?अचार में फफूंदी लगना किसी एक मौसम तक सीमित नहीं है, यह साल के किसी भी समय हो सकता है. इसकी सबसे बड़ी वजह छोटी-छोटी लापरवाहियां होती हैं. जैसे ही जार के अंदर नमी या हवा पहुंचती है, अचार खराब होने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है. अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो पूरा अचार बेकार हो सकता है. गंध से पहला संकेतसबसे पहला संकेत उसकी गंध से मिलता है. अचार की खुशबू तीखी और खट्टी होनी चाहिए, लेकिन अगर उसमें सड़ी हुई या अजीब सी गंध आने लगे, तो समझ जाइए कि वह खराब हो चुका है. इसके अलावा अगर अचार की ऊपरी सतह पर फफूंदी दिखे, तो यह साफ इशारा है कि उसमें नमी या हवा पहुंच चुकी है. अक्सर गीला चम्मच इस्तेमाल करना या जार को खुला छोड़ देना इसकी वजह बनता है. बनावट में भी दिखता है असरअचार के खराब होने का एक और संकेत उसकी बनावट में बदलाव है. अगर अचार चिपचिपा, बहुत नरम या रंग बदलने लगे, तो यह सामान्य नहीं है. उदाहरण के लिए, आम का अचार भूरा और ज्यादा मुलायम हो जाए या लहसुन का अचार लिसलिसा लगे, तो इसे खाने से बचना चाहिए. तेल या नमक के पानी में भी बदलाव दिख सकता है. अगर तेल धुंधला या अलग-अलग परतों में दिखे, या उसमें झाग बनने लगे, तो यह खराब होने का संकेत है. इसी तरह स्वाद में भी फर्क आ जाता है कि अगर अचार कड़वा, फीका या हल्का चुभने जैसा लगे, तो इसे तुरंत छोड़ देना चाहिए. इसे भी पढ़ें - Gulkand Milk Recipe: गर्मी में ठंडक देने वाला देसी ड्रिंक, घर पर मिनटों में बनाएं हेल्दी गुलकंद मिल्क, जानें रेसिपीकैसे रख सकते हैं इसको सुरक्षित?अचार को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए कुछ आसान आदतें अपनाना जरूरी है. हमेशा सूखा और साफ चम्मच ही इस्तेमाल करें, क्योंकि एक बूंद पानी भी फफूंदी की वजह बन सकती है. जार को हर बार अच्छी तरह बंद करें, ताकि हवा अंदर न जाए.  अचार को ठंडी और सूखी जगह पर रखना भी जरूरी है. सीधी धूप या ज्यादा गर्मी मसालों और तेल को खराब कर सकती है. इसके साथ ही, यह ध्यान रखें कि अचार पूरी तरह तेल की परत में ढका रहे. अगर तेल कम लगे, तो ऊपर से थोड़ा साफ तेल डाल दें. इसे भी पढ़ें - कितनी भी कोशिश कर लो भटूरे फूलते नहीं हैं? इस ट्रिक से बनाओगे तो बन जाओगे 'भटूरा मास्टर'