जिला पंचायत के 475 गांवों में भीषण गर्मी के दौरान पेयजल संकट खड़ा होने लगा है, लेकिन पीएचई और जल निगम के जिम्मेदार अधिकारियों ने गांवों में पेयजल आपूर्ति को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई है।