मप्र बोर्ड ‘बेस्ट ऑफ फाइव’ प्रणाली समाप्त करने की तैयारी में है। 10वीं में 7 और 12वीं में 6 विषयों की परीक्षा प्रस्तावित है। उद्देश्य शैक्षणिक गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाना है।