होली सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि खुशियों, रिश्तों और छुपे हुए जज्बातों को सामने लाने का मौका भी है. यही वजह है कि हिंदी फिल्मों में होली का खास महत्व रहा है. कई बार तो कहानी का सबसे बड़ा मोड़ होली के दिन ही आता है. रंगों के बीच हंसी-मजाक चलता रहता है, लेकिन उसी माहौल में ऐसा सच सामने आता है, जहां रिश्ते टूटते हैं या नई शुरुआत होती है. आइए जानते हैं कुछ ऐसी ही ब्लॉकबस्टर फिल्मों के बारे में, जिनकी कहानी होली सीक्वेंस के बिना अधूरी मानी जाती है.डरइस फिल्म में शाहरुख खान, जूही चावला और सनी देओल मुख्य भूमिकाओं में थे. फिल्म में एक होली सीन है, जहां रंगों और भीड़ के बीच डर और दीवानगी साफ नजर आती है. यही वो पल है जब कहानी का तनाव बढ़ता है और दर्शकों को असली खतरे का एहसास होता है. होली की मस्ती अचानक सस्पेंस में बदल जाती है और यहीं से फिल्म का रोमांच जबरदस्त हो जाता है.सिलसिलाइस फिल्म का गाना रंग बरसे आज भी हर होली पर बजता है. पर्दे पर अमिताभ बच्चन, जाया बच्चन, रेखा और संजीव कुमार जैसे दिग्गज कलाकार थे. फिल्म में होली सीन में ही छुपे रिश्तों की सच्चाई सामने आने लगती है. रंगों के बीच मुस्कान तो दिखती है, लेकिन आंखों में सवाल दिखाई देते हैं. इसी सीन के बाद कहानी एक गंभीर मोड़ लेती है और रिश्तों की उलझनें सामने आती हैं.दामिनीइस फिल्म में मीनाक्षी शेषाद्रि, ऋषि कपूर और सनी देओल नजर आए थे. यहां होली का रंग अचानक दर्द में बदल जाता है. इसी दिन हुई एक घटना पूरी कहानी की दिशा बदल देती है. दामिनी के साथ अन्याय होता है और वो न्याय की लड़ाई लड़ने का फैसला करती है. इसके बाद फिल्म सिर्फ एक कहानी नहीं रहती, बल्कि इंसाफ की जंग बन जाती है.शोलेइस फिल्म में होली का गाना होली के दिन बहुत पॉपुलर है. धर्मेंद्र, हेमा मालिनी, अमिताभ बच्चन और अमजद खान जैसे सितारों से सजी इस फिल्म में होली का जश्न गांव में खुशियों का माहौल दिखाता है. लेकिन इसी के बाद कहानी में खतरा मंडराने लगता है. गब्बर का खौफ और ठाकुर की दर्दभरी कहानी आगे चलकर फिल्म को और गंभीर बना देती है. होली का यह जश्न आने वाले तूफान से पहले की शांति जैसा लगता है.