सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर किया जा रही है, जिसमें पीएम मोदी दुबई के बादशाह शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम और दुबई के क्राउन प्रिंस हमदान बिन मोहम्मद अल मकतूम के साथ खड़े है. इस तस्वीर में यह सभी लोग एक मशीन के इर्द गिर्द खड़े है जिससे भारतीय मुद्रा के नोट छपकर बाहर आ रहे हैं.दावा: इस तस्वीर में एक महिला भी नजर आ रही है और इस फोटो के कैप्शन में लिखा है कि "इंडियन करंसी छाप रही हूं दुबई के बादशाह और मोदी जी आए देखने भारतीय रुपय."इस पोस्ट का अर्काइव यहां देखें( ऐसे ही दावा करने वाले अन्य पोस्ट का अर्काइव आप यहां और यहां देख सकते हैं. )क्या यह दावा सही है ? नहीं, यह दावा सही नहीं है.यह असली तस्वीर नहीं है बल्कि इसे AI की मदद से बनाया गया है. हमने सच का पता कैसे लगाया ? हमने वायरल वीडियो पर गूगल लेंस की मदद से इमेज सर्च ऑप्शन का इस्तेमाल किया. हमारी सर्च में हमें किसी भी आधिकारिक अकाउंट या पोस्ट पर तस्वीर नहीं मिली.इसके साथ ही हमें इस तस्वीर के AI से बने होने का शक हुआ क्योंकि पीछे खड़े बॉडीगार्ड के हाथ की उंगलियां ज्यादा नजर आ रही थीं. हमने इस तस्वीर को AI से बने कंटेंट की पहचान करने वाले टूल Hive Moderation पर चेक किया, यहां इस तस्वीर के AI से बने होने की 99 प्रतिशत संभावना जताई गई. इस तस्वीर को गूगल Gemini की मदद से बनाए जाने की सम्भावना जताई गई. Hive पर इस तस्वीर के AI से बने होने की 99 प्रतिशत संभावना जताई गई.इसके सिवा हमने इस फोटो को AI से बनी तस्वीरों की पहचान करने वाले एक अन्य टूल Is It Ai ? पर भी चेक किया. यहां भी इस तस्वीर के AI से बने होने की 99 प्रतिशत संभावना जताई गई और इसके बनाने के लिए Gemini टूल का इस्तेमाल होना बताया गया. इस तस्वीर के AI से बने होने की 99 प्रतिशत संभावना जताई गईनिष्कर्ष: पीएम मोदी की मौजूदगी में दुबई में भारतीय करेंसी छपने की फोटो असली नहीं बल्कि AI की मदद से बनाई गई है. (अगर आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी आती है, जिसके सच होने पर आपको शक है, तो पड़ताल के लिए हमारे वॉट्सऐप नंबर 9540511818 या फिर मेल आइडी webqoof@thequint.com पर भेजें. सच हम आपको बताएंगे. हमारी बाकी फैक्ट चेक स्टोरीज आप यहां पढ़ सकते हैं.)पुलिस के सामने हाथ जोड़े खड़े गिरिराज सिंह की फोटो असली नहीं AI है