जिस कुएं ने प्रभु श्रीराम, माता सीता व भ्राता लक्ष्मण की प्यास बुझाई थी, उस कुएं को संरक्षित करने की बजाय उसे बंद कर ग्रामीण के लिए आरईएस नया कुआं बनाएगा।