सरकार ने कहा है कि नया क़ानून जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए है. लेकिन इस कानून के विरोधी कह रहे हैं कि ये व्यक्तिगत स्वतंत्रता और धर्म चुनने के अधिकार को प्रभावित कर सकता है.