हत्या के आरोप से बचने के लिए शव को रात में ही अपने कंधे में उठा कर ले जाकर घर से लगभग 800 मीटर की दूरी डुग्गी तालाब के पास चूडामणि के खेत में लाश को ठिकाने लगाने फेंक भी आया था।