पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपित धर्मेन्द्र चौहान ने इसी जानकारी का फायदा उठाकर ठगी की पूरी पटकथा लिखी। उसने टेकाम को दोनों नंबर ब्लॉक करने की सलाह दी और खुद मामले की जांच का भरोसा दिलाया।