माओवादी ‘डाक्टर’ का खुलासा:300 लड़ाकों की नसबंदी की गई, ताड़मेटला से झीरम तक हमले करने वाली बटालियन की डरावनी कहानी

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बस्तर के इन जंगलों के भीतर सक्रिय माओवादी बटालियन सिर्फ एक सैन्य इकाई नहीं, बल्कि एक ऐसी सुनियोजित ‘फैक्ट्री’ थी, जहां इंसान को हिंसक औजार में बदल दिया जाता था।