रूस का एक तेल टैंकर, जो पहले चीन जा रहा था, अब रास्ता बदलकर भारत आ रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ‘एक्वा टाइटन’ नाम का यह जहाज रूस के बाल्टिक सागर से तेल लेकर निकला था और उसका गंतव्य चीन का रिजाओ पोर्ट था। लेकिन मार्च के बीच में साउथ चाइना सी में ही उसने दिशा बदल दी और अब यह 21 मार्च को न्यू मैंगलोर पहुंचने वाला है। यह बदलाव इसलिए हुआ क्योंकि भारत ने अचानक रूस से तेल खरीद बढ़ा दी है। दरअसल, ईरान में चल रहे युद्ध की वजह से मिडिल ईस्ट से तेल सप्लाई प्रभावित हुई है। इसी बीच अमेरिका ने भारत को अस्थायी तौर पर रूस से ज्यादा तेल खरीदने की छूट दी। इसके बाद भारत ने सिर्फ एक हफ्ते में करीब 3 करोड़ बैरल रूसी तेल खरीद लिया। अब भारत की सभी बड़ी रिफाइनरियां रूसी तेल खरीद रही हैं। इसी कारण कई जहाज, जो पहले चीन जा रहे थे, अब रास्ता बदलकर भारत आ रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक कम से कम 7 टैंकर अपना गंतव्य बदल चुके हैं। इसी तरह ‘जौजू एन’ नाम का एक और टैंकर, जो रूस के ब्लैक सी से कजाख तेल लेकर चीन की ओर जा रहा था, उसने भी रास्ता बदल लिया है और अब भारत के सिक्का पोर्ट की तरफ आ रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में जापान और साउथ कोरिया जैसे देश भी फिर से रूस से तेल खरीद शुरू कर सकते हैं, जिससे कीमतों पर असर पड़ सकता है। कुल मिलाकर, ईरान युद्ध के कारण पैदा हुए हालात में रूस भारत के लिए बड़ा तेल सप्लायर बनता जा रहा है और चीन की जगह भारत को ज्यादा प्राथमिकता मिल रही है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… नेपाल में हेलिकॉप्टर क्रैश, 1 घायल; काठमांडू से शव लेकर लौट रहा था नेपाल में लैंडिंग के दौरान एक हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया, जिसमें एक व्यक्ति घायल हो गया। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक एयर डायनेस्टी कंपनी का हेलिकॉप्टर खोटांग जिले में खेत में लैंडिंग करने की कोशिश कर रहा था। कंपनी के मुताबिक हेलिकॉप्टर में 5 यात्री सवार थे। खोटांग जिले की मुख्य जिला अधिकारी रेखा कंडेल ने बताया कि 9N-ASQ रजिस्ट्रेशन वाला यह हेलिकॉप्टर सुबह करीब 11:51 बजे क्रैश हुआ। यह काठमांडू से लाया जा रहा था। इसमें एक शव भी ले जाया जा रहा था। अधिकारी ने कहा कि अभी तक किसी की मौत नहीं हुई है और बाकी जानकारी अभी आनी बाकी है। कंपनी ने बताया कि हेलिकॉप्टर में सवार एक यात्री घायल हुआ है, जबकि पायलट और बाकी यात्री सुरक्षित हैं। घायल को निकालने के लिए 9N-ANA रजिस्ट्रेशन वाला दूसरा हेलिकॉप्टर भेजा गया है। शुरुआती जांच के अनुसार, तेज हवा या लैंडिंग के दौरान उठी धूल इस हादसे की वजह हो सकती है। कंपनी के अनुसार पायलट का नाम सबिन थापा है। फिलहाल इस मामले में और जानकारी का इंतजार है। नॉर्थ कोरिया में किम जोंग उन की पार्टी को 99.93% वोट मिले, सभी सीटें जीतीं; 70% सांसद बदले नॉर्थ कोरिया के संसदीय चुनाव में किम जोंग उन की पार्टी ने जीत दर्ज की है। 15 मार्च को हुए चुनाव में वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया और उसके सहयोगी दलों को 99.93% वोट मिले और सभी सीटों पर कब्जा किया गया। राज्य मीडिया के मुताबिक 99.99% प्रतिशत मतदान हुआ। सुप्रीम पीपुल्स असेंबली के 687 डिप्टी चुने गए, जिसमें सिर्फ 0.07% वोट विरोध में बताए गए। नई संसद का पहला सत्र जल्द प्योंगयांग में होगा, जिसमें देश के शीर्ष नेतृत्व का चुनाव और संविधान में संशोधन पर चर्चा होगी। रिपोर्ट्स के अनुसार संविधान में दक्षिण कोरिया को दुश्मन देश घोषित करने का प्रावधान जोड़ा जा सकता है। इस सत्र में किम जोंग उन का फिर से सर्वोच्च नेता चुना जाना तय माना जा रहा है। चुनाव में 70% से ज्यादा सांसद बदले गए हैं, जिसे सत्ता को और मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। नई सूची में किम यो-जोंग, विदेश मंत्री चोए सोन-हुई और किम के करीबी सहयोगी जो योंग-वोन शामिल हैं, जबकि पूर्व अध्यक्ष चोए र्योंग-हे को हटाया गया है। हालांकि उत्तर कोरिया की संसद को अक्सर औपचारिक माना जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन से बाहर हुआ अर्जेंटीना, राष्ट्रपति मिलेई बोले- यह एक खतरनाक संगठन अर्जेंटीना ने अब आधिकारिक तौर पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से बाहर होने का फैसला लागू कर दिया है। इस कदम के साथ उसने अमेरिका के रास्ते पर चलते हुए इस वैश्विक स्वास्थ्य संस्था से अपने रिश्ते तोड़ लिए हैं। मंगलवार को विदेश मंत्री पाब्लो क्विरनो ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि यह फैसला एक साल पहले लिया गया था और अब औपचारिक रूप से लागू हो गया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि अर्जेंटीना अब भी स्वास्थ्य के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग करेगा, लेकिन अपनी नीतियों पर पूरा नियंत्रण खुद रखेगा। अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई की यह नीति अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प के फैसले जैसी ही है। दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय संगठनों पर आरोप लगाया है कि वे स्वास्थ्य और अन्य मामलों में एक खास विचारधारा को आगे बढ़ाते हैं। मिलेई ने खास तौर पर WHO की आलोचना कोविड महामारी के दौरान दी गई सलाह को लेकर की। उन्होंने कहा कि मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग और वैक्सीनेशन जैसे उपाय लोगों पर नियंत्रण का तरीका थे। उन्होंने WHO को ‘खतरनाक संगठन’ तक कहा।