अंतत: वृंदावन में प्रभु जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा जी पुलिस को मिल गए। मिलने के बाद पुलिस मूर्तियां व पुजारी को साथ लेकर राजग़ढ़ जिले के खिलचीपुर के लिए रवाना हो गई है।