रूस बोला- पाकिस्तान को तेल देने के लिए तैयार:मांग आएगी तो कम कीमत में दे देंगे; PAK के पास 11 दिन का ऑयल रिजर्व

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पाकिस्तान में रूस के राजदूत अल्बर्ट खोरेव ने बुधवार को कहा कि रूस पाकिस्तान को सस्ता तेल देने के लिए पूरी तरह तैयार है। हालांकि अभी तक पाकिस्तान की तरफ से कोई आधिकारिक मांग नहीं आई है। उनका कहना है कि अगर पाकिस्तान खुद आगे बढ़कर बात करता है, तो रूस उसे कम कीमत पर तेल सप्लाई कर सकता है। एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक पाकिस्तान के पेट्रोलियम सचिव ने देश की संसदीय समिति को बताया कि देश के पास फिलहाल सिर्फ 11 दिन का कच्चा तेल (क्रूड ऑयल) बचा है। इसके अलावा डीजल 21 दिन, पेट्रोल 27 दिन, LPG 9 दिन और जेट फ्यूल करीब 14 दिन के लिए मौजूद है। मिडिल ईस्ट में चल रही जंग की वजह से सप्लाई पर असर पड़ा है, जिससे चिंता बढ़ गई है। पाकिस्तान होर्मुज से तेल लाने के लिए ईरान से बात कर रहा सरकार ईरान से बात कर रही है ताकि होर्मुज स्ट्रेट से तेल लाने की इजाजत मिल सके। अगर मंजूरी मिलती है, तो पाकिस्तान के चार जहाज इस रास्ते से तेल ला सकते हैं। साथ ही अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि 14 अप्रैल के बाद देश में गैस की भारी कमी हो सकती है, क्योंकि LNG की सप्लाई भी प्रभावित हुई है। पाकिस्तान का करीब 70% तेल मिडिल ईस्ट से आता है, लेकिन जंग के कारण शिपिंग रूट और सप्लाई चेन पर असर पड़ा है। तेल की कीमतें भी तेजी से बढ़ी हैं। डीजल की कीमत 88 डॉलर से बढ़कर 187 डॉलर और पेट्रोल 74 डॉलर से बढ़कर 130 डॉलर तक पहुंच गया है। पहले जहां तेल 4-5 दिन में पहुंच जाता था, अब रेड सी के रास्ते आने में करीब 12 दिन लग रहे हैं। पाकिस्तान में कतर से आने वाली गैस सप्लाई बंद अधिकारियों ने यह भी बताया कि कतर से आने वाली गैस सप्लाई लगभग बंद हो गई है। मार्च में आने वाले 8 LNG कार्गो में से सिर्फ 2 ही पहुंचे, जबकि अप्रैल में भी आधे से ज्यादा कार्गो नहीं पहुंच सकते। ऐसे में गैस की सप्लाई घट सकती है और सरकार घरेलू इस्तेमाल के लिए गैस बचाने पर विचार कर रही है। हालात को संभालने के लिए पाकिस्तानी सरकार ने 23 अरब पाकिस्तानी रुपए की सब्सिडी देने का फैसला किया है, जो मोटरसाइकिल और रिक्शा चलाने वाले करीब 3 करोड़ लोगों को दी जाएगी। यह पैसा सरकार की बचत से दिया जाएगा, जो खर्च कम करने की पॉलिसी से आया है। सरकार रोजाना तेल के स्टॉक पर नजर रख रही है। वित्त मंत्री ने कहा कि देश में अभी तेल की सप्लाई ठीक है और लोगों को बेवजह पेट्रोल जमा करने की जरूरत नहीं है। सरकार ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर कोई जमाखोरी की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। होर्मुज के रास्ते 20% तेल की सप्लाई होती है ईरान जंग के बाद भी होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों का आना-जाना पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। न्यूज एजेंसी AP की रिपोर्ट के मुताबिक, जंग शुरू होने के बाद से अब तक करीब 90 जहाज इस रास्ते से गुजर चुके हैं, जिनमें तेल ले जाने वाले टैंकर भी शामिल हैं। न्यूज एजेंसी AP ने बताया कि कई जहाज चुपचाप बिना जानकारी दिए इस रास्ते से गुजर रहे हैं, ताकि वे पश्चिमी देशों के नियमों और रोक से बच सकें। हाल में भारत और पाकिस्तान से जुड़े कुछ जहाज भी इस रास्ते से निकलने में सफल रहे हैं। इस जंग की वजह से कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गई है। ऐसे में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दूसरे देशों पर दबाव डाला है कि वे मिलकर इस रास्ते को फिर से पूरी तरह खोलें, ताकि तेल सस्ता हो सके। होर्मुज दुनिया का बहुत अहम रास्ता है, जहां से करीब 20% तेल सप्लाई होती है। जंग के बाद ज्यादातर जहाजों की आवाजाही कम हो गई थी और कई जहाजों पर हमले भी हुए हैं। फिर भी ईरान ने मार्च से अब तक 1.6 करोड़ बैरल से ज्यादा तेल बेच दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, चीन, ईरान का सबसे बड़ा खरीदार बना हुआ है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि मुश्किल हालात के बावजूद ईरान अपना तेल बेचने में कामयाब रहा है। UN की समुद्री संस्था जहाजों की सुरक्षा पर जल्द बैठक करेगी UN की समुद्री संस्था इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO) खाड़ी इलाके के हालात पर जल्द इमरजेंसी बैठक करने वाली है। यह बैठक इसलिए बुलाई गई है क्योंकि जंग की वजह से जहाजों और वहां काम करने वाले लोगों की सुरक्षा खतरे में है। इस बैठक में कई देश हिस्सा लेंगे और बड़े फैसले हो सकते हैं। ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और खाड़ी के देश चाहते हैं कि ईरान के हमलों और होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की कोशिश की निंदा की जाए। वहीं जापान, पनामा, सिंगापुर और UAE जैसे देश चाहते हैं कि फंसे हुए जहाजों और नाविकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एक सही प्लान बनाया जाए। दूसरी तरफ ईरान का कहना है कि इन हालात के लिए अमेरिका और इजराइल जिम्मेदार हैं। ईरान के मुताबिक, समुद्र में जो भी खतरा बढ़ा है, वह इन्हीं देशों की वजह से हुआ है।-------------- यह खबर भी पढ़ें… तेल लेकर भारत पहुंचा 'जग लाडकी' जहाज:81 मीट्रिक टन तेल लेकर गुजरात के मुंद्रा पोर्ट आया; दो जहाज पहले LPG लेकर पहुंचे थे भारतीय झंडे वाला तेल टैंकर 'जग लाडकी' गुजरात के मुंद्रा स्थित अदानी पोर्ट्स पर पहुंच गया है। यह UAE के फुजैराह बंदरगाह से होर्मुज स्ट्रेट पार करते हुए आया है। इसपर 80,886 मीट्रिक टन कच्चा तेल लदा है। भारत में हर रोज लगभग 5.5–5.6 मिलियन बैरल (करीब 90 करोड़ लीटर) तेल की खपत होती है। पढ़ें पूरी खबर…