EV Fire Risk: क्या आप जानते हैं कि इलेक्ट्रिक कार में लगी आग को बुझाना तेल से चलने वाली कार की तुलना में मुश्किल काम होता है? अगर इलेक्ट्रिक कार की बैटरी में गड़बड हो जाए तो इससे लगातार टॉक्सिक गैस निकलने लगी और इससे लगी आग को काबू करना मुश्किल होता है. इसे बुझाने के लिए हजारों लीटर पानी की जरूरत पड़ती है. आइए जानते हैं कि EV की आग बुझाना क्यों मुश्किल होता है और इसमें ज्यादा पानी की खपत क्यों होती है.EV की आग बुझाने के लिए कितना पानी चाहिए?इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ फायर एंड रेस्क्यू सर्विसेस के अनुसार, US फायर सर्विस टेस्ला की बैटरी वाली कार में लगी आग को बुझाने के लिए लगभग 90,000 लीटर पानी यूज करती है. हर मिनट 2200 लीटर पानी यूज होता है और आग को पूरी तरह काबू करने में 40 मिनट का समय लगता है. पेट्रोल कार की तुलना में EV की आग बुझाने के लिए लगभग 40 गुना ज्यादा पानी लगता है. इसके अलावा बैटरी को ठंडा करने में ही 10,000 लीटर पानी की जरूरत पड़ सकती है.EV की आग बुझाना मुश्किल क्यों है?एक बार बुझने के बाद भी बैटरी में मौजूद स्टैंडर्ड एनर्जी के कारण यह फिर से आग पकड़ सकती है. बैटरी में होने वाली केमिकल रिएक्शन से लगातार टॉक्सिक गैस बाहर आती रहती है, जिससे आग और भड़क सकती है. इसलिए कई फायर फाइटर कंबर आदि लेकर ऑक्सीजन को बैटरी तक पहुंचने से रोकते हैं, लेकिन जब यह कंबल हटाया जाता है तो इसमें धमाके का खतरा रहता है. इसके अलावा कई मामलों में बैटरी तक पानी पहुंचाना मुश्किल हो जाता है. ऐसा उन मामलों में होता है, जहां बैटरी पैक को कार में ऐसी जगह फिट किया जाता है, जहां डायरेक्ट पानी नहीं पहुंच पाता. अगर बैटरी तक डायरेक्ट एक्सेस न मिले तो आग बुझाने में समय और पानी दोनों ज्यादा लगते हैं.ये भी पढ़ें-ड्रोन हो गए पुराने! अब बन रहे हैं रोबोटिक कॉकरोच, दुश्मन के इलाके में जाकर करेंगे यह काम