मस्तक पर अर्धचंद्र धारण करने वाली, वृषभ (बैल) पर सवार और त्रिशूल धारण किए मां शैलपुत्री के स्वरूप में मां शारदा के दर्शन कर भक्तों ने सुख-समृद्धि की कामना की।