Hindu Nav Varsh 2026: गुरौ नृपे वर्षति कामदं जलं महीतले कामदुधाश्च धेनवः। यजन्ति विप्रा बहवोऽग्निहोत्रिणो महोत्सवः सर्वजनेषु वर्तते।।अर्थ है- जब किसी वर्ष राजा के रूप में गुरु (Jupiter) का प्रभाव होता है, तब धरती पर मनोकामनाएं पूर्ण करने वाली यानी समयानुकूल वर्षा होती है. पृथ्वी पर गायें भरपूर दूध देती हैं और समृद्धि बढ़ती है. ब्राह्मण यज्ञ और अग्निहोत्र जैसे धार्मिक अनुष्ठान अधिक करते हैं और समाज में उत्सव और आनंद का वातावरण बना रहता है.हिंदू नववर्ष 19 मार्च 2026 से शुरू (Hindu Nav Varsh 2026 Date)अंग्रेजी कैलेंडर के मुताबिक दुनियाभर में नए साल की शुरुआत पहली जनवरी (1st January) से मानी जाती है. लेकिन हिंदू धर्म के मुताबिक, चैत्र शुक्ल की प्रतिपदा तिथि से हिंदू नववर्ष की शुरुआत होती है, जिसे विक्रम संवत के नाम से जाना जाता है. इस साल हिंदू नववर्ष की शुरुआत 19 मार्च 2026 से हो रही है. गुरुवार के दिन से विक्रम संवत 2083 शुरू होने के कारण इस वर्ष के राजा गुरु ग्रह होंगे. यानी पूरे वर्ष गुरु का अधिक प्रभाव रहेगा, जिससे कि पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान, दान, व्रत, यज्ञ आदि अधिक होंगे. लेकिन कृषि क्षेत्र में गुरु का क्या प्रभाव रहेगा, आइए जानते हैं (Agriculture Astrology).नव संवत्सर के राजा देवगुरु बृहस्पतिजब भी नए साल की शुरुआत होती है तो ग्रहों के प्रभाव से राशि, देश-दुनिया, मौसम, अर्थव्यवस्था और खेती-बाड़ी पर इसका असर पड़ता है. इस बार नव संवत के राजा देवगुरु बृहस्पति हैं, जिन्हें मुख्य रूप से खरीफ फसल स्वामी माना जाता है. साथ ही गुरु को गेहूं, चने, पीली सरसों, हल्दी और पीले रंग के अनाज या फसलों का स्वामी भी माना जाता है.कृषि और समृद्धि के लिए गुरु की शुभतावैदिक ज्योतिष में गुरु को सबसे शुभ ग्रहों में एक माना गया है. इसे धन, समृद्धि, ज्ञान और विस्तार का प्रतीक बताया गया है. वर्ष का राजा होने के कारण फसलों के स्वामी के रूप में गुरु का प्रभाव बताया जा रहा है, जिसे कृषि और समृद्धि के लिए शुभ माना जाता है. ज्योतिष जानकारों की मानें तो, गुरु ग्रह को ज्ञान, समृद्धि और वृद्धि के कारक गुरु जब वर्ष के स्वामी होते हैं तो कृषि उत्पादन में भी वृद्धि होने की संभावना बढ़ जाती है. इसलिए माना जा रहा है कि, इस वर्ष किसानों को बेहतर पैदावार मिल सकती है और कई प्रमुख फसलों का उत्पादन सामान्य से अधिक हो सकता है.कृषि और मौसम पर प्रभावज्योतिष के अनुसार, हिंदू नववर्ष में गुरु का प्रभाव होने से इस साल वर्षा सामान्य या उससे बेहतर रहने की संभावना है. अच्छी वर्षा होने से खेतों में नमी बनी रहती है, जिससे कि धान, गेहूं, दालें और तिलहन जैसी फसलों के उत्पादन में सकारात्मक असर पड़ सकता है. ऐसे में किसानों को बेहतर पैदावार मिल सकती है और कई प्रमुख फसलों का उत्पादन सामान्य से अधिक हो सकता है.ये भी पढ़ें: New Year 2026 Prediction: नववर्ष 2026 में कौन होगा राजा और कौन मंत्री, ग्रहों की दशा और भविष्यवाणीDisclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.