Diabetes Symptoms: क्या आप सही तरह से सो रहे हैं, आपका स्लीप पैटर्न तय कर रहा है आपकी शुगर! जानिए कैसे?

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Can Diabetes Cause Sleep Problems: डायबिटीज एक पुरानी और आज के समय में बेहद आम बीमारी बन चुकी है.  वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के अनुसार 1990 में जहां दुनियाभर में करीब 20 करोड़ लोग डायबिटीज से पीड़ित थे, वहीं 2022 तक यह संख्या बढ़कर लगभग 83 करोड़ हो गई. चिंताजनक बात यह भी है कि डायबिटीज से पीड़ित आधे से ज्यादा लोगों को सही इलाज और दवाएं तक उपलब्ध नहीं हो पातीं.हो सकती है दिक्कतकई लोग इस बीमारी को गंभीरता से नहीं लेते, लेकिन अगर इसे नजरअंदाज किया जाए तो यह किडनी फेलियर, हार्ट अटैक, स्ट्रोक और यहां तक कि अंग कटने जैसी गंभीर स्थितियों का कारण बन सकती है. आमतौर पर डायबिटीज के लक्षणों में ज्यादा प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, धुंधला दिखना और बिना कारण वजन कम होना शामिल हैं. लेकिन ब्रिटेन की डायबिटीज यूके संस्था के अनुसार एक और आम संकेत है जिसे लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं, वह है नींद से जुड़ी समस्या.डायबिटीज का नींद पर असरडायबिटीज यूके के अनुसार, ब्लड शुगर लेवल में लगातार उतार-चढ़ाव नींद को काफी प्रभावित कर सकता है. जब शरीर में शुगर का स्तर बहुत ज्यादा या बहुत कम हो जाता है, तो इससे रात की नींद बाधित हो सकती है. इसके अलावा डायबिटीज से जुड़ी जटिलताएं जैसे नर्व डैमेज  या पैरों में दर्द भी नींद में खलल डाल सकते हैं. पर्याप्त और अच्छी नींद शरीर के स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी होती है, लेकिन डायबिटीज से पीड़ित लोगों के लिए अच्छी नींद लेना कई बार मुश्किल हो जाता है.इसे भी पढ़ें- Wheat Side Effects: क्या रोज रोटी खाना आपकी सेहत के लिए ठीक है, जानें एक्सपर्ट का क्या है कहना?ब्लड शुगर का नींद पर प्रभावअगर ब्लड शुगर बहुत कम हो जाए, जिसे हाइपोग्लाइसीमिया कहा जाता है, तो यह रात के समय भी हो सकता है और इससे नींद प्रभावित हो सकती है. खासकर टाइप-1 डायबिटीज वाले लोगों में यह समस्या ज्यादा देखी जाती है. कुछ दवाएं भी रात में ब्लड शुगर के लेवल को ऊपर-नीचे कर सकती हैं. रात में बार-बार शुगर कम होने से दिन में ज्यादा नींद या थकान महसूस हो सकती है और धीरे-धीरे नींद का पैटर्न भी बिगड़ सकता है. वहीं अगर ब्लड शुगर बहुत ज्यादा हो जाए तो भी नींद प्रभावित होती है. हाई ब्लड शुगर के कारण बार-बार यूरिन आने की जरूरत पड़ सकती है, जिससे रात में नींद टूटती रहती है. इसके अलावा ज्यादा प्यास लगना और सिरदर्द भी नींद आने में परेशानी पैदा कर सकते हैं.नींद की कमी से बढ़ सकता है डायबिटीज का खतराशोध बताते हैं कि नींद से जुड़ी समस्याएं डायबिटीज के खतरे को भी बढ़ा सकती हैं. 2022 में यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल द्वारा किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि जिन लोगों को सोने या सोए रहने में परेशानी होती है, उनमें ब्लड शुगर का स्तर ज्यादा पाया गया. डायबिटीज यूके के अनुसार अच्छी नींद के लिए कुछ आदतें मददगार हो सकती हैं. दिन में शारीरिक रूप से सक्रिय रहें, सोने से पहले कम से कम एक घंटे तक आराम करें, बिस्तर आरामदायक रखें और सोने से पहले शराब या ज्यादा स्क्रीन टाइम से बचें. कमरे का तापमान थोड़ा ठंडा रखना भी अच्छी नींद में मदद कर सकता है.यह भी पढ़ें: क्या खाली पेट काम करता है दिमाग ज्यादा बेहतर? जानिए फास्टिंग का मेंटल हेल्थ पर असर और फायदेDisclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.