मध्य प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार और शपथ लेने का सपना संजोए कुछ दावेदारों के सपने टूट सकते हैं। भाजपा नेतृत्व कुछ पूर्व मंत्री और कांग्रेस से आकर चुनाव जीतने वाले विधायकों को निगम-मंडल में भी तैनात कर सकता है।