अपने बयानों के ज़रिए नेतन्याहू साफ़ तौर पर ये जताने की कोशिश कर रहे हैं कि इसराइल ने अमेरिका को इस लड़ाई में नहीं घसीटा है. वो ये साबित करने की कोशिश भी कर रहे हैं कि दोनों देशों के लक्ष्य एक-दूसरे से अलग नहीं हैं.