Panchang 20 March 2026: नवरात्रे के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा का मुहूर्त, राहुकाल, योग और पूरा पंचांग देखें

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Hindi Panchang 20 मार्च 2026: 20 मार्च 2026 को चैत्र का दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित है. जो लोग जीवन में संघर्ष कर रहे हैं, उन्हें मां की कृपा से सफलता और शांति मिलती है. मान्यता है कि इनकी उपासना से मन एकाग्र होता है और साधना में प्रगति होती है. मां ब्रह्माचारिणी की पूजा में हरे रंग के वस्त्र पहनें और माता को हरी चूड़ी, हरी साड़ी अर्पित करें. 20 मार्च का पंचांग 2026 (Hindi Panchang 20 March 2026)तिथिद्वितीया (19 मार्च 2026, सुबह 6.52 - 21 मार्च 2026, सुबह 2.30)वारशुक्रवारनक्षत्ररेवतीयोगब्रह्म, सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योगसूर्योदय सुबह 7.15सूर्यास्तसुबह 5.38चंद्रोदयसुबह 7.00चंद्रोस्तरात 7.59चंद्र राशिमीनचौघड़िया मुहूर्तसुबह का चौघड़ियाशुभसुबह 6.25 - सुबह 10.58शाम का चौघड़ियालाभरात 9.30 - रात 10.59राहुकाल और अशुभ समय (Aaj Ka Rahu kaal)राहुकाल (इसमें शुभ कार्य न करें)सुबह 10.59 - दोपहर 12.29यमगण्ड कालदोपहर 3.30 - शाम 5.01आडल योगसुबह 6.25 - सुबह 2.27, 21 मार्चविडाल योगसुबह 2.27 - सुबह 6.24, 21 मार्चगुलिक कालसुबह 7.56 - सुबह 9.27पंचकसुबह 6.25 - सुबह 2.27, 21 मार्चग्रहों की स्थिति (Grah Gochar 19 March 2026)सूर्यमीनचंद्रमामीनमंगलकुंभबुधकुंभगुरुमिथुनशुक्रमीनशनिमीनराहुकुंभकेतुसिंहकिन राशियों को लाभकन्या राशिकिसी समस्या का समाधान मिलेगा और आप किसी न किसी तरह अपना काम निकालने में सफल रहेंगे.कौन सी राशियां संभलकर रहेंवृषभ राशिसंतान की किसी गतिविधि को लेकर चिंता हो सकती है. घबराने के बजाय समाधान ढूंढने का प्रयास करें.FAQs: 20 मार्च 2026Q.कौन सा उपाय करें ?दि कुंडली में मंगल कमजोर है, तो माँ ब्रह्मचारिणी को मिश्री और लाल फूल (जैसे गुलाब) अर्पित करें. इससे मंगल के नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं और स्वास्थ्य उत्तम रहता है.Q.कौन से शुभ संयोग बन रहे हैं ?इस दिन ब्रह्म, सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग बन रहा हैChaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि की अष्टमी-नवमी कब ? जानें डेट, पूजा मुहूर्त, कन्या पूजन किस दिन होगाDisclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.