पूछताछ में आरोपित ने अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि चोरी किए गए सोने के आभूषणों का एक हिस्सा फाइनेंस कंपनी में गिरवी रखकर राशि प्राप्त की गई तथा शेष आभूषण अपने पास रखना स्वीकार किया।