नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने 6 यूक्रेनियों और एक अमेरिकी नागरिक को गिरफ्तार किया। इन पर म्यांमार के जातीय युद्ध समूहों को हथियार और आतंकवादी साजो-सामान की आपूर्ति करके तथा उन्हें प्रशिक्षण देकर उनका समर्थन कर रहे थे। साथ ही भारत में उग्रवाद का भी समर्थन कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मैथ्यू एरॉन वैन डाइक (अमेरिकी नागरिक), हुर्बा पेट्रो (यूक्रेनी नागरिक), स्लीव्याक तारास (यूक्रेनी नागरिक), इवान सुकमानोव्स्की (यूक्रेनी नागरिक), स्टेफानकिव मारियन (यूक्रेनी नागरिक), होनचारुक मैक्सिम (यूक्रेनी नागरिक) और कामिंस्की विक्टर (यूक्रेनी नागरिक) के रूप में हुई है। NIA ने 13 मार्च को दिल्ली से तीन यूक्रेनियों, लखनऊ से तीन और कोलकाता से एक अमेरिकी नागरिक को धारा 18 (आतंकवादी षड्यंत्र) और BNS के तहत दर्ज एक मामले में गिरफ्तार किया था। वहीं, यूक्रेन ने मंगलवार को भारत को एक आधिकारिक विरोध नोट सौंपा, जिसमें गिरफ्तार किए गए यूक्रेनी नागरिकों की तत्काल रिहाई की मांग की गई है। आरोपियों को ले जाने की 5 तस्वीरें… कोर्ट ने 11 दिन की रिमांड पर भेजा NIA के विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने सोमवार को सभी सातों आरोपियों को 11 दिन की NIA हिरासत में भेज दिया। NIA ने 15 दिन की हिरासत मांगी थी। रिमांड मांगते समय, NIA ने आरोप लगाया कि आरोपी AK-47 राइफलें रखने वाले अज्ञात आतंकवादियों के सीधे संपर्क में थे और उनकी आतंकवादी/अवैध गतिविधियों में मदद कर रहे थे। NIA ने कहा कि जातीय सशस्त्र समूहों से जुड़े ये आरोपी, कुछ प्रतिबंधित भारतीय उग्रवादी समूहों को हथियार और आतंकवादी साजो-सामान की आपूर्ति करके तथा उन्हें प्रशिक्षण देकर उनका समर्थन कर रहे हैं। यूक्रेन ने विरोध दर्ज कराया यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत में देश के राजदूत डॉ. ओलेक्जेंडर पोलिशचुक ने भारत के विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज के साथ एक बैठक की। इस बैठक के दौरान उन्होंने एक आधिकारिक विरोध नोट सौंपा, जिसमें यूक्रेनी नागरिकों की तत्काल रिहाई और उनसे मिलने की अनुमति देने की मांग की गई थी। इसमें आगे कहा गया कि दूतावास हिरासत से जुड़े सभी हालात और कारणों को स्पष्ट करने के लिए भारत के अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ संपर्क बनाए हुए है। अमेरिकी दूतावास के एक प्रवक्ता ने कहा कि उन्हें इस स्थिति की जानकारी है। यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने ये भी कहा…