जब फरियादी नौकरी ज्वाइन करने पहुंचा तो पता चला कि नियुक्ति पत्र फर्जी है। जांच के दौरान यह बात भी सामने आई कि आरोपित अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह की धोखाधड़ी कर चुका है।